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क्या हम परिवार को साथ लेकर पैडमैन देखने जाएंगे या नहीं? सवाल वाजिब है !

घर पर जब परिवार के साथ हम टीवी देख रहे होते है तो उसी बीच अचानक से स्टेफरी, विस्पर जैसे सेनेट्री पैड का एड देख कर झेप जाते हैं. उस वक़्त जानबूझ कर ऐसा बर्ताव करते हैं जैसे मानो वो एड हम देख ही नहीं रहें. जबकि असलियत सबको पता होती है. दरअसल हम भारत के नागरिक हैं, चाहे जितना मॉडर्न हो जाएँ लेकिन कुछ बातें हैं जिन्हें हम गुप्त ही रखना चाहते हैं. इन्ही गुप्त बातों में से एक को बॉलीवुड के जरिये उजागर करने वाली है अक्षय कुमार की ये “पैडमैन” जो 9 फरवरी से सिनेमा घरों के बड़े पर्दों पर दिखाई देगी.

फिल्म में मुख्य अभिनेता अक्षय कुमार और अभिनेत्री राधिका आप्टे हैं. इसके साथ ही सोनम कपूर ने भी इस फिल्म में खास रोल निभाया है. फिल्म प्रोड्यूसर अक्षय कुमार की पत्नी ट्विंकल खन्ना हैं और निर्देशक आर. बालाकृष्णन हैं.पैडमैन बीते 25 जनवरी को रिलीज़ होनी थी लेकिन उस वक़्त निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत को लेकर राजपूत संगठन करणी सेना ने कई प्रदेशों में बवाल मचाया जिसके चलते पैडमैन की पब्लिसिटी नहीं हो सकी. इसलिए डेट आगे बढ़ानी पड़ी.

इन दिनों पैडमैन की पब्लिसिटी टीवी चैनल्स से ज़्यादा सोशल मीडिया पर मुफ्त में हो रही है. दरअसल, फिल्म के मुख्य विषय को लेकर सोशल मीडिया पर लोग पोस्ट कर रहे हैं जिसके ज़रिये वो दूसरों को जागरूक करना चाहते हैं. ऐसे ही एक पोस्ट से कुछ शब्दों को हमने भी कॉपी किया है.

फिल्म रिलीज़ होने से पहले ही पैडमैन की लोकप्रियता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है फिल्म के मुख्य विषय को लेकर भारत क्रिकेट बोर्ड ऑफ कंट्रोल (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष और हिमाचल के हमीरपुर से बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट से जागरूकता अभियान चला रहे हैं जिसे ज़मीनी तौर पर भी लाने की बात उन्होंने अपने वीडियो में कही.

अब सवाल ये उठता है कि जब छोटे पर्दे पर 10 सेकेण्ड का एड हम झेल नहीं पाते तो कैसे परिवार के साथ बड़े पर्दे पर लगातार तीन घंटों तक मुख्य रूप से सेनेट्री पैड पर आधारित फिल्म हम देख सकेंगे? क्या हम परिवार को साथ लेकर पैडमैन देखने जाएंगे भी या नहीं? इस खबर को गौर से पढ़ते रहिये, शायद आपका मन आज कुछ नया करने को बोल पड़े जो आपने पहले कभी नहीं किया हो.

 Film Trailer

शायद पुरुष वर्ग इस छोटे कपड़े के टुकड़े का महत्त्व नहीं समझता. हाँ ! हम बात केवल सैनेट्री पैड की नहीं बल्कि इसके पीछे के इम्पोर्टेंस की भी कर रहे हैं जिसे शायद एक पती या पिता बने बिना हम सामान्य रूप में नहीं ले सकते. हम बात कर रहे हैं महिलाओं के माहवारी की जो एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और सच ये है इसी के कारण हम लोग जन्म ले पाये हैं. लेकिन इसको हमारे समाज में एक प्रतिबंधित विषय बना दिया गया है.

 Watch Video

महिलाओं को आपस में कोई दिक्कत नहीं है. यदि उनको कोई समस्या होती है तो वो केवल हम पुरुषों की मानसिकता के कारण ही होती है. कुछ पुरुष अब तक इसको एक मजाक का विषय समझते आये हैं तो कुछ सभ्य बने रहने के लिए गुप्त विषयों में इसे रखते है. यदि टीनएजर लड़कों को पता चल जाए कि किसी लड़की के पीरियड्स आये हैं तो निगाहें बस रेड स्पॉट ढूंढ रही होती हैं. इसके पीछे कारण है कि कभी उनको इसके बारे में बताया नहीं गया और जब कोई चीज़ छुपाई जाती है या प्रतिबंधित होती है तो कौतूहल का विषय होती है.

कमाल की बात यह है कि जब वही लड़के पति बनते हैं तब समझ आता है कि यह माहवारी होता क्या है. जब वो एक कन्या के पिता बनते हैं तो उसको पीरियड्स टाइम से शुरू न होने पर पत्नी अत्यंत परेशान होकर हम लोगों को ही बताती है. हम ही डॉक्टर्स से कंसल्ट भी कराते हैं. लेकिन खुल कर सामने आने की हिम्मत नहीं कर पाते. यानि की समय के अनुसार पुरुषों को इसकी इम्पोर्टेंस पता चल ही जाती है कि यह एक लड़की और महिला के जीवन का अभिन्न हिस्सा है. आपका जन्म इसी से हुआ और इसकी वजह से ही आप पिता, बाबा, नाना, मामा, चाचा सब कुछ बन पाते हैं.

 

हमारी नानी ने माँ को सिखाया की इसके बारे में तुम्हारे भाई या पिता को पता न चले. हमारी माँ ने इसी को आगे बड़ा दिया लेकिन पुरुषों को पहले से ही इसके बारे में सब कुछ पता होता है. बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार की पैडमैन में भी कुछ इसी तरह की कहानी है लेकिन किरदार हमारी असल ज़िन्दगी से कुछ हट के है और यही किरदार इस फिल्म को और भी ज़्यादा मनोरंजक बनाता है.


 Watch Video Song ” Aaj Se Teri”

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