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‘रेप’ मे धर्म को न लाये, वो लोग अपना मुँह बंद रखे। रेप एक हिंसा है जो हमारे समाज मे नॉरम की तरह है

‘रेप’ मे धर्म को न लाये, प्लीज वो लोग अपना मुँह बंद रखे। पहली बात रेप एक प्रकार की हिंसा है जो कि हमारे समाज मे नॉरम की तरह है ।

हम अपने आस पास की लड़कियो महिलाओ और गे/फेम/वुमन राइट्स सप्रोर्टरस को ‘धमकियाँ’ देते है। हम मंच से कहते है कि कब्र से निकाल कर रेप करो। हम कहते है ज्यादा मुँह मत खोलो वरना मुँह मे ल*** डाल देंगे ।

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हम उन जोक्स पर हंसते है जो किसी भी माइनारिटी पर हिंसा दिखाता है जैसे – बजरंगी भाईजान का कमाल मुल्ले के मुँह से निकलवाया राम !!

हम उस समाज का हिस्सा है जहाँ रेप न सिर्फ ग्लोरीफाइड है बल्कि पॉलिटीकल टूल है। और मानिये या न मानिये हमे अब इसकी आदत हो चुकी है। एक लड़की आकर कहती है कि फलां व्यक्ति मुझे परेशान करता है तो आप उसको कहते है तुम्हारे ही साथ इतनी सारी घटनाएं क्यो होती है ?

एक लड़का जो फेमिनिस्ट डिस्कोर्स पर रिसर्च करता है उसके दोस्त उसको ‘गे’ है गां**** है कह कर न सिर्फ परेशान करते है बल्कि उसके साथ हिंसा भी करते है !

धर्म तो बनाया ही इसलिए कि लोगो को उनके डिजायर को कंट्रोल करे ।

जो लड़कियाँ दुप्पटा नही लेती उनको युनिवर्सिटी के लड़के ही नही लड़कियाँ भी हिदायत दे डालती है कि ‘यार प्राबल्म ये है न कि तुम्हारी बॉडी ऐसी नही है कि तुम स्लीवलेस पहनो या दुप्पटा न लो और ये क्लीवेज प्लीज बुरा मत मानो जब मेरी ही नजर जा रही तो बाकि सब तो देखेंगे ही।’

लड़की बहुत दुबली है तो कहेंगे कि ‘बहुत मास्टरबेट करती है इसलिए ऐसी है’ !!

तो ये जो गुस्सा है , जो भी रोना धोना कर रहे है उसको तब भी दिखाया करे जब रोजमर्रा के जीवन मे सेकिस्ट जोक्स भेजते है और बताने पर कहते है तुम फेमिनिस्टो की यही समस्या है सड़ा मुँह लेके मर जाओगी !!!

रेप , समस्या है पर उससे बड़ी समस्या है किसी को विक्टिम कहना सर्वाइवर न कहना । ये सोचना कि वो तो अब मौत से भी बदतर जिंदगी जियेंगे । समस्या है, मेल गेज़ उस पर काम कीजिए । रेप केवल स्त्री की देह तक सीमित नही है रेप ट्रांस* फेम और सभी तरह के सेक्सुअल जेंडर माइनारिटी और वलर्नेबल समूहो की समस्या है जिसे बहुसंख्यको का समूह लंबे समय से करता आया है और छाती पीट के रोने का दिखावा भी कर लेता है, खुद को अंत मे वैसे ही बचा लेता है जैसे नर्सिसा ने अंत मे पॉटर को बचा लिया था , अपने मतलब के लिए !

तोशी शंकर

तोशी शंकर

साक्षी उपाध्याय

साक्षी उपाध्याय

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