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उपचुनाव जीतने के लिए आजमगढ़ से अलीगढ़ तक भाजपा भड़का रही सांप्रदायिक हिंसा – रिहाई मंच

रिहाई मंच ने एएमयू प्रकरण पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि भाजपा ने कैराना और नूरपुर उपचुनाव को जीतने के लिए पूरे सूबे को साम्प्रदायिकता की आग में झोंकने पर उतारू है. मंच ने आरोप लगाया कि आजमगढ़ से लेकर अलीगढ़ तक सुनोयोजित तरीके से तनाव भड़काया जा रहा है. यह सिर्फ संयोग नहीं की अजय साहनी जब आजमगढ़ के पुलिस कप्तान रहते हैं तो फर्जी मुठभेड़, भारत बंद के बाद दलितों, मुसलमानों का उत्पीड़न, पिछले दिनों सरायमीर में हुए तनाव जैसी घटना होती है और उनके अलीगढ़ जाते ही एएमयू में लाठीचार्ज.

रिहाई मंच अध्यक्ष मुहम्मद शुऐब ने कहा कि भाजपा का इतिहास रहा है कि वह दंगों की फसल बोती है और वोट के रूप में काटती है. जिस तरह ठीक कैराना और नूरपुर के उपचुनाव के पहले एएमयू में जिन्नाह की तस्वीर को लेकर भाजपा सांसद ने विवाद पैदा किया ठीक इसी तरह 2014 के पहले मुज़फ्फरनगर और बाद में उपचुनाव में लव जिहाद का मामला उछाला गया था.

मंच अध्यक्ष ने कहा कि आजमगढ़ और अलीगढ़ के मसले को प्रशासन तूल देकर भाजपा के पक्ष में माहौल बना रहा है. एएमयू में हिन्दू जागरण मंच के गुंडे ‘जय श्रीराम’ और ‘हिन्दुस्तान में रहना है तो वंदेमातरम् कहना होगा’ जैसे नारे लगाते हुए तमंचा लहराते हुए पुलिस के सहयोग से भारत के पूर्व उप राष्ट्रपति के ऊपर हमला करने जा रहे थे, जो योगी की पुलिस को अपराध नहीं लगता और ऐसे गुंडों पर कोई कार्यवाही नहीं होती.

जब छात्र कार्यवाही की मांग करते हैं तो उनके ऊपर आंसू गैस के गोले और लाठियां चलाकर लहूलुहान कर दिया जाता है. ठीक इसी तरह आजमगढ़ के सरायमीर में संघ परिवार से जुड़े अमित साहू ने धार्मिक आपत्तिजनक टिप्पणी की. इस कापी-पेस्ट टिप्पणी पर झाँसी समेत उत्तर प्रदेश में कई जगह पर तत्काल गिरफ्तारियां होने की सूचनाएं हैं पर सरायमीर थानेदार रामनरेश यादव ने न सिर्फ अपराधियों को बचाने की कोशिश की बल्कि कार्यवाही की मांग करने वालों पर ही उल्टा मुकदमा दर्ज कर दिया.

इस मुस्लिम विरोधी माहौल बनाने में मौजूदा पुलिस कप्तान अजय साहनी की बड़ी भूमिका रही और अलीगढ़ में जाकर वे यही भूमिका अदा कर रहे हैं. आजमगढ़ में आये नये कप्तान तो आते ही संघ परिवार के इशारे पर सरायमीर थानाध्यक्ष को जनहित में काम करने की सराहना कर रहे हैं. जबकि हिन्दुत्ववादी संगठनों और पुलिस प्रशासन के संगठित तौर पर तोड़-फोड़ करने के वीडियो सामने आये हैं पर उनपर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है.

रिहाई मंच प्रवक्ता अनिल यादव ने बताया कि 6 मई को 3.30 बजे कैफ़ी आज़मी एकेडमी निशातगंज, लखनऊ (गुरुद्वारा रोड) में होने वाले सम्मलेन में भारत बंद के दौरान आंदोलन में दमन और उत्पीड़न झेले आंदोलनकारी, सहारनपुर दलित हिंसा के बाद दमन किये गए भीम आर्मी के नेता, रासुका के तहत निरूद्ध किये गए दलित-मुस्लिम युवाओं व फर्जी मुठभेड़ में मारे गए युवाओं के परिजन समेत प्रदेश भर में सड़कों पर संघर्षरत नेता मौजूद होंगे।

नोट : यह खबर रिहाई मंच के प्रेसनोट से बिना किसी परिवर्तन के कॉपी-पेस्ट की गई है.

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