Breaking News

नौसेना के अधिकारी विकास में बाधा डाल रहे है, ये सब पॉश इलाके में घर चाहते हैं जबकि इनको सीमा पर रहना चाहिए।

मुंबई पिछले कुछ समय से नेताओं के निशाने पर रही सेना को लेकर अब एक और विवादास्पद बयान सामने आया है। इस बार यह बयान किसी और ने नहीं बल्कि मोदी केबिनेट के ही बड़े मंत्री नितिन गडकरी ने दिया है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि नौसेना के अधिकारी विकास के काम में बाधा डालते हैं। गडकरी यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि अधिकारी सिर्फ साउथ मुंबई जैसे पॉश इलाके में घर चाहते हैं। गडकरी ने कहा कि उनकी जरूरत पॉश इलाकों में नहीं, बल्कि सीमा पर है।

गडकरी मुंबई में गुरुवार को आयोजित अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल के भूमि पूजन कार्यक्रम में बोल रहे थे। यह देश का पहला अंतरराष्ट्रीय कूज टर्मिनल है। उन्होंने कहा कि वे (नौसेना के अधिकारी) हमारे पास मकान मांगने आते हैं, मैंने उनको साफ बता दिया कि मैं एक इंच जमीन नहीं दूंगा। ऐसी मांगों के साथ कभी मेरे घर भी मत आना। उन्होंने कहा कि हर कोई साउथ मुंबई जैसे पॉश इलाके में घर चाहता है, इसका हम आदर करते हैं, लेकिन आखिर साउथ मुंबई में ही रहने की वजह समझ से परे है।

सैनिकों की जरूतर सीमा पर

दरअसल, गडकरी की यह विवादास्पद टिप्पणी हाल ही में उच्च न्यायालय के आदेश के संदर्भ में आई थी, जिसमें राज्य सरकार ने मलाबार हिल पहाड़ी से एक अस्थायी जेटी का प्रस्ताव रखा था। गड़करी ने यह भी कहा कि हम सरकार हैं, नौसेना या रक्षा मंत्रालय सरकार नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि असल में नौ सैनिकों की जरूरत सीमा पर होती है, जहां पर आतंकी वारदात होती हैं। ऐसे में क्यों वह सीमा छोड़कर साउथ मुंबई में ही घर चाहते हैं। उन्‍होंने कहा कि सरकार हर व्‍यक्ति को उसके इच्‍छा के अनुरूप मनचाहे स्‍थानों पर आवास मुहैया नहीं करा सकती। ऐसा कर पाना किसी भी तरह से संभव नहीं है। इसलिए जब भी उनके समक्ष इस तरह का प्रस्‍ताव आता है तो उनका जवाब न में होता है क्‍योंकि ऐसा करना संभव नहीं है।

Check Also

सपा बसपा गठबंधन ने भाजपा को ऐसा किया मजबूर कि लगी सरकार दलित के घर लोटने !

गोरखपुर मे सपा बसपा गठबंधन की जीत ने पूरी भाजपा को ऐसा मजबूर कर दिया ...