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मोदी को जिन कारोबारियों ने पीएम बनाया था, उनको नोट्बंदी और महगाई बढ़ाकर मालामाल कर दिया है

मोदी ने नोटबंदी की डकैती ऐसे ही नहीं डाली थी उसके पीछे उन्होंने बाकायदा पूरा होमवर्क किया था उनको बताया गया था कि काला धन कही नहीं है बस काले धन का शोर मचाकर सारा धन बैंको में जमा हो जाएगा उससे मोदी के कारोबारी दोस्तों को मोटा फायदा होगा और हुआ भी आपको बता दे लोकसभा चुनाव में मोदी जिस जहाज से उड़ रहे थे वो अदानी ने दिया था 5000 हजार बसे और 50 हजार पेड़ कार्यकर्ता अम्बानी और अन्य कारोबारियों ने दिए थे जो भीड़ में मोदी मोदी के नारे लगाते थे.

मोदी का चुनाव पूरी तरह उनके बड़े करीबी कारोबारियों के कब्जे में था जिनमे उन सबने लाखो करोड़ खर्च किया था जिसकी वसूली के लिए उन्होंने मोदी को न तो महगाई कम करने दी और न पेट्रोल डीजल और घरेलु गैस सस्ती होने दी और उलटे रोज उसके दाम बढाते ही जा रहे हैं आज 355 का सिलेंडर 800 का हो गया मगर मोदी को देश की चिंता नहीं है क्योकि सारा चुनाव तो वे ईवीम हैक कराके जीत रहे हैं ये चुनावी जनसभाए तो जनता और विपक्ष को मूर्ख बनाने के लिए आयोजित हो रही हैं ताकि किसी को शंका न हो मेहनत दिखनी चाहिए इसी मेहनत की आड़ में ईवीम हैक कराई गयी है.

नोट्बंदी की 4 बड़ी वजह जिनसे सिर्फ मोदी के करीबियों को मोटा फायदा हुआ जानिये

1. उत्तर प्रदेश में  चुनाव से पहले विरोधी दलों का पैसा खराब कर देना, क्योंकि बीजेपी के पास तो पैसों की कमी थी नहीं. नोटबंदी का मकसद था चुनाव को एक आसान मुकाबला बना देना. बीजेपी को पहले से पता था. वह ढेर सारा भुगतान एडवांस कर चुकी थी. उसके पास नए नोट भी बेशुमार थे. चुनाव में उसके 32 हेलीकॉप्टर उड़े. सभी विरोधी दलों के पास मिलाकर 5 थे. जिस दिन आखिरी चरण का मतदान खत्म हुआ, उसके अगले दिन बैंक से रुपए निकालने की लिमिट खत्म कर दी गई. नोटबंदी का काम पूरा हुआ.

2. सारा काला धन  गंगा में बहता हुआ सफेद करके बैंको के सिस्टम के अंदर लाकर काला बाजारियों की मदद की सारे लोगो ने 6 महीने पहले ही नोट बदल लिए थे.

3. छोटे बिजनेसमैन को तबाह कर बड़े कारोबारियों को लाभ पहुंचाना, क्योंकि कैशलेश काम करने की तैयारी सिर्फ बड़े कारोबारियों को थी. नरेंद्र मोदी को जिन बड़े कारोबारियों ने पीएम बनाया था. वह कर्जा मोदी ने महगाई बढ़ाकर और पेट्रोल डीजल गैस के दाम बढ़ाकर लगभग चुका दिया है

4. चीन की कंपनी अलीबाबा की देन पेटीम  को कैशलेस के बहाने भारत में बिजनेस देना जिसके एवज में बीजेपी को कितना पैसा दिया गया है जनता असोच तक नहीं सकती है

मोदी के ये चारो मकसद पूरे हुए उसको इससे क्या फर्क पड़ता है कि लाइन में 200 से ज्यादा लोग मर गए. अर्थव्यवस्था तबाह हो गई. लाखों मजदूरों के हाथों से काम छिन गया. छोटे व्यापारी बर्बाद हो गए.

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