Breaking News
मोदी अमित शाह

पीएम मोदी कांग्रेस के घोटालो पर तो बहुत छाती पीटते हैं, पर कभी अपने चर्चित घोटालों पर नहीं बोलते !

कांग्रेस के घोटाले पर छाती पीटने वाली बीजेपी और उसके वर्तमान महा नायक राष्ट्र ऋषि नरेंद्र मोदी से जब कोई पत्रकार बीजेपी के घोटालो पर सवाल खड़े करते हैं तो मोदी की बोलती बंद हो जाती है उस पत्रकार को जान से मारने की धमकिया मिलने लगती हैं या सोशल मीडिया पर उसको बीजेपी की आईटी सेल से माँ बहिनों की गालिया दिलाई जाने लगती हैं.
 चीनी घोटाला
सितम्बर 1999 में कांग्रेस ने सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय को निशाना बनाते हुए आरोप लगाया कि करगिल युद्ध के समय सरकार नियमों को ताक पर रखकर पाकिस्तान से चीनी आयात कर रही थी। पाक की एक निर्यातक चीनी मिल का संबंध पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से भी बताया गया था।
केतन पारेख घोटाला
वर्ष 2001 के अंत में यह चौंकाने वाला समाचार आया कि मुंबई के प्रतिभूति दलाल केतन पारेख से जुड़ा 2000 करोड़ रुपये का घोटाला प्रकाश में आया। मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय जांच समिति भी बनी। लेकिन आज तक एक भी पैसा रिकवर नहीं हुआ।
तहलका रहस्योद्घाटन
वर्ष 2001 के पूर्वार्ध में तहलका डाटकॉम के रिपोर्टरों ने रक्षा सौदों में चल रही रिश्वतखोरी के पूरे तंत्र का पर्दाफाश किया। तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण को तहलका की टेप में प्रत्यक्ष तौर पर एक लाख रुपये लेते हुए दिखाया गया। रक्षामंत्री जार्ज फर्नांडीज और उनके विभाग के कई अधिकारियों पर इस मामले में उंगली उठी।
ताबूत घोटाला
वर्ष 2001 में ही रक्षा मंत्रालय पर आरोप लगा कि करगिल युद्ध के समय ताबूतों के आयात में करोड़ों रुपये की हेराफेरी हुई।
यूटीआई घोटाला
देश भर में फैले लाखों यूएस-64 धारकों को पिछले साल सरकार ने एकाएक बताया कि उनके यूनिटों की पुनर्खरीद टाल दी गई है। उसके बाद देश के इस सबसे बड़े म्यूचुअल फंड के निवेश पोर्टफोलियो में गंभीर अनियमितताओं और पक्षपात के तथ्य उभरे। आम निवेशकों को कुल मिलाकर अरबों रुपये की चपत लगी।
होम ट्रेड घोटाला
मई 2002 में महाराष्ट्र के कई जिला सहकारी बैंकों में सरकारी प्रतिभूतियों के दुरुपयोग का मामला उभरा। करीब 500 करोड़ के इस घोटाले की केंद्रबिंदु होम ट्रेड नाम की एक ब्रोकरेज कंपनी थी। यहां तक कि कुछ प्राविंडेट संस्थाओं का पैसा भी मारा गया। यह घोटाला रिजर्व बैंक की नाक के नीचे हो रहा था।
पेट्रोल पंप घोटाला
एक राष्ट्रीय समाचार पत्र ने बाकायदा ब्यौरा देकर इस बात का पर्दाफाश किया कि विभिन्न राज्यों में अधिकतर पेट्रोल पंप और रसोई गैस की एजेंसियां भाजपा के पदाधिकारियों, सांसदों और विधायकों के रिश्तेदारों की दी गईं। इस प्रक्रिया में सभी कायदे-कानूनों को ताक पर रख दिया गया मजेदार बात यह है कि मोदी जी के चार साल के कार्यकाल में राफेल डील, चिक्की घोटाला, एलीडी घोटाला,बिजली घोटाला,कोल स्कीम, नोट्बंदी, पूनम महाजन, रमण सिंह ,शिवराज सिंह चौहान, वसुंधरा राजे सिंधिया, मनोहर पारिकर, नितीश कुमार, मनोहर खट्टर, द्वारा  जितने घोटाले किये हैं उनकी मोदी जी जांच कराना तो दूर किसी से सुनना भी नहीं चाहते हैं.

Check Also

कर्नाटक चुनाव ने बीजेपी की कब्र खोद दी है, 2019 मे मोदी की वापिसी असंभव

कर्नाटक का आईना और BJP के लिए 2019 के खतरे का लाल निशान अजीत अंजुम ...