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अमेरीकी वैज्ञानिकों ने साबित किया कि बीजेपी चुनाव में कैसे कराती है, ईवीएम हैक !

अमेरीकी वैज्ञानिकों ने साबित कर बतायाकि बीजेपी कैसे हर चुनाव में कराती है ईवीएम हैक। इस बार वैज्ञानिकों ने पूरे सबूत के साथ भाजपा की पोल खोली है।

देश मे हुये हाल ही मे चुनाव की बात करें तो ईवीएम को लेकर चुनाव आयोग अक्सर विवादों में बना रहता हैं। हालांकि ये भी आपको याद दिला दें कि कांग्रेस पार्टी की सरकार के समय में भाजपा पार्टी ने उस पर कई आरोप लगाए थे कि वह ईवीएम हैक करवाकर चुनाव लड़ती है।

ईवीएम को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाने वाली भाजपा पर पूरा विपक्ष उठा रहा सवाल

लेकिन मौजूदा समय में भारतीय जनता पार्टी पर ईवीएम को लेकर हैक करने का मामला उठाने वाली कोई एक पार्टी नहीं बल्कि पूरा विपक्ष है, क्योंकि जिस तरह से भाजपा ने अपनी जीत दर्ज की है उस हिसाब से वह खुद ही विवादों के घेरे में आ गई हैं। जिसका एक भी जवाब पार्टी के पास नहीं है।

ईवीएम को लेकर भाजपा पर जितने भी आरोप लगते रहे हैं उस पर एक बार भी पार्टी ने कोई जवाब सीधेतौर पर नही दिया है। वहीं खुद जवाब देने के बजाय इस पर पार्टी ने चुनाव आयोग को आगे कर दिया, जिससे आयोग की छवि भी पूरी तरह से लोगों के बीच खराब हो गई है।

अमेरीकी विश्वविद्यालय में दिखाया गया ईवीएम हैक करने का तरीका

दूसरी तरफ अमेरिकी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने भी भारतीय इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में हैकिंग करने के तरीकों को बनाने का दावा किया है इस तकनीक से मिशिगन विश्वविद्यालय के शोधकर्ता मोबाइल से संदेश भेजकर नतीजों को बदलने में कामयाब रहे हैं।

जहां अमेरीकी वैज्ञानिकों ने EVM को हैक कर साबित कर दिया है कि चुनाव में कितनी धांधली की जा रही है या की जा सकती है साथ ही इससे भारतीय लोकतंत्र की जड़ें किस कदर कमजोर हो रही हैं।

सभी पार्टियों ने यूपी व उत्तराखंड गुजरात कर्नाटक त्रिपुरा चुनाव में बीजेपी पर उठाये थे सवाल

इस पूरे मामले में सभी पार्टियां शुरु से ही भाजपा को घेरती हुई आई हैं, कि यूपी और उत्तराखंड में वोट हासिल करने के लिए ईवीम हैक किया गया था जिसका पुख्ता प्रमाण मध्य प्रदेश की अटेर विधानसभा चुनाव में देखने मिला था।

इस तरह करायी जाती है ईवीएम में हैकिंग

मिशिगन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने इंटरनेट पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें भारत में इस्तेमाल की जाने वाली वोटिंग मशीन को घरेलू निर्मित एक छोटी सी चिप से जोड़ कर दिखाया गया है।

इस दौरान नेतृत्व कर्ता प्रोफेसर जे एलेक्स हल्दरमैन ने बताया कि, डिवाइस (चिप) की मदद से मोबाइल फोन से संदेश भेजकर मशीन का परिणाम बदला जाता है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने एक microprocessor के साथ साथ एक ब्लूटूथ डिवाइस को मशीन के साथ जोड़ दिया जिसको मोबाइल से कनेक्ट करके भी वोट का रिज़ल्ट बदला जा सकता है।

हर एक मतदान के समय किया जा सकता है ईवीएम हैक

वैज्ञानिकों ने साबित कर दिया कि कैसे इस छोटी सी चिप की मदद से मोबाइल से वोट की अदला बदला और नतीजों के साथ छेड़छाड़ की जाती है। इसके अलावा, उन्होंने एक छोटा माइक्रोप्रोसेसर भी जोड़ा जिससे चुनाव में मतदान के दौरान और वोट-गिनती के समय भी वोटों को बदल दिये जाते है।

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