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अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआइए ने विश्व हिन्दू परिषद् और बजरंग दल को बताया आतंकी संगठन

अमेरिका की ख़ुफ़िया एजेंसी सीआइए ने भारत में बीजेपी के सरक्षण में पल रही विश्व हिन्दू परिषद् और बजरंग दल को आतंकी संगठन बताकर बीजेपी से होशियार रहने के लिए कहा है. वही बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद् अपने को आतंकी संगठन कहे जाने पर सीआइए के खिलाफ कानूनी सलाह ले रहे हैं कि उनके पास क्या सबूत हैं कि हम आतंकी संगठन हैं. बजरंग दल वालो की बात सुनकर सीआइए ने कहा कि वो दोनों कानूनी कार्यवाही करे तब उन्हें भी समझ में आ जायेगा कि आतंकी संगठन क्या होते हैं और उनको कैसे चलाया जा रहा है और कौन सरकार या राजनैतिक दल उनको समर्थन देता है.

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भारत में 2014 के बाद से मोदी की सरकार बन्ने के बाद दलितों और मुसलमानों को टार्गेट कर  मारपीट और हिंसक घटनाओं की वारदाते सामने आ रही हैं उसमे अब तक सबसे ज्यादा बजरंग दल वालो का ही हाथ सामने आया है जिनको बीजेपी किसी न किसी रूप में अपरोक्ष रूप से समर्थन देती आ रही है जो सारे विश्व के लिए चिंता की बात होनी चाहिए.

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अमेरिका की केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) ने संघ के सहयोगी विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल को हाल ही में अपडेट की गई विश्व फैक्टबुक में आतंकवादी धार्मिक संगठनों के रूप में शामिल  किया है, जिसे प्रकाशित किया गया है।

अमेरिका की केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) के सूत्रों ने कहा कि भगवा संगठनों के भीतर कदम अच्छी तरह से नीचे नहीं चला है और दोनों को टैग हटाने के लिए कानूनी विकल्प लेने की उम्मीद है। वही बजरंग दल ने द प्रिंट की खबर को साबित करने के लिए कि वह कानूनी विकल्प तलाश रहा है। बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक मनोज वर्मा ने कहा “यह कुछ दिनों पहले हमारी जानकारी में आया है और इसका सामना करने के लिए कानूनी विचार विमर्श चल रहा है इन दोनों  संगठनों को ‘राजनीतिक दबाव समूहों और नेताओं’ टैग के तहत आतंकवादी धार्मिक संगठनों के रूप में नामित किया गया है। इसी शीर्षक के तहत, सत्तारूढ़ बीजेपी के वैचारिक अभिभावक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ  को राष्ट्रवादी संगठन के रूप में शामिल किया गया है. अन्य लोगों में सभी पार्टियों हुर्रियत सम्मेलन शामिल हैं, जिन्हें अलगाववादी समूह के रूप में लेबल किया गया है, जबकि जमीयत उलेमा-ए हिंद (महमूद मदानी) को एक धार्मिक संगठन समझा गया है।

राष्ट्रवादी, सांस्कृतिक संगठन’
हिन्दू संगठनों के नेताओं ने दावा किया कि उनके पास धार्मिक कट्टरपंथ के साथ कुछ भी नहीं है और वे केवल राष्ट्रवादी और सांस्कृतिक संगठन थे “कोई खुफिया एजेंसी क्यों हमारे संगठनों को आतंकवादी होने का हवाला देगी। उन्हें किसने अधिकार दिया ? हमारे पास अंतरराष्ट्रीय शाखाएं भी हैं लेकिन हमने कभी भी किसी को परेशान नहीं किया है। हम राष्ट्रवादी हैं। बजरंग दल के नेता ने कहा, “हम देखेंगे कि यह अधिकार पाने के लिए क्या किया जा सकता है। हालाँकि अगर दोनों संगठन सीआइए के खिलाफ अगर कानूनी कार्यवाही करते हैं तो इन भगवा संगठनों के नेताओं की हकीकत भी सामने आ जाएगी

वर्ल्ड फैक्टबुक क्या है ?
वर्ल्ड फैक्टबुक की वेबसाइट का कहना है कि यह दुनिया के देशों के बारे में अलमानैक-शैली की जानकारी के साथ सीआईए का वार्षिक प्रकाशन है फैक्टबुक जनसांख्यिकी, भूगोल, संचार, सरकार, अर्थव्यवस्था, और 266 अमेरिकी मान्यता प्राप्त देशों, निर्भरताओं और दुनिया के अन्य क्षेत्रों की सेना का दो से तीन पृष्ठ सारांश प्रदान करता है।

यह यूएस सरकार के अधिकारियों द्वारा उपयोग के लिए सीआईए द्वारा तैयार किया गया है, और इसकी शैली, प्रारूप, कवरेज और सामग्री मुख्य रूप से उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन की गई है। हालांकि, इसे अक्सर छात्र पत्रों, वेबसाइटों और गैर-सरकारी प्रकाशनों के संसाधन के रूप में भी उपयोग किया जाता है। अमेरिकी सरकार के काम के रूप में, यह सार्वजनिक डोमेन में है।

 

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